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पुस्‍तक संवर्धन

आईएसबीएन के लाभ

आईएसबीएन मोनोग्रफिक प्रकाशनों के लिए एकमात्र अन्‍तर्रारूट्रीय पहचान है, एक संख्‍या देकर लंबे विस्‍त्तत संदर्भिका रिका्रडों को स्‍थानापन्‍न किया जाता है। इससे समय और स्‍टाफ की बचत होती है और नकल करने की गलतियों से बचा जाता है।

आईएसबीएन प्रकाशन के तहत पुस्‍तकों की तालिका संदर्भिका डाटाबेसों और पुस्‍तक डायरेक्‍टरियों के संकल्‍न ओर अद्यतन को सरल करता है। उपलब्‍ध पुस्‍तकों पर जानकारी आसानी से प्राप्‍त की जा सकती है।

आईएसबीएन द्वारा मुख्‍यत पुस्‍तकों का आर्डर और वितरण निष्‍पादित किया जाता है, जो एक तेज ओर सरल पद्वति है।

आईएसबीएन मशीन-पठित के रूप में एक तेरह अंकीय संख्‍या ईएएन यूजीसी बार कोड है। यह एक तेज प्रणाली है और गलतियों को दूर करती है।

आईएसबीएन पुस्‍तक की दुकानों में इलैक्‍ट्रानिक प्‍वाइंट आफ सेल को चलाने हेतु आवश्‍यक है।

अधिकार प्रबंधन मुख्‍यत आईएसबीएन के आधार पर किया जाता है।

आईएसबीएन विक्रय संबंधी आंकडों का संचयन करता है। यह वि‍भिन्‍न प्रकार के उत्‍पादों और प्रकाशनों के संस्‍करणों की अलग-अलग सफलताओं पर निगराना रखना सक्षम बनाने के साथ-साथ वि‍भिन्‍न विषय क्षेत्रों और वि‍भिन्‍न प्रकाशन धरानों के मध्‍य तुलना को भी सक्षम बनाता है।

कुछ देशों में राष्‍ट्रीय ऋषद पुस्‍कालय अधिकार आईएसबीएन पर आधारित है। में योजनाएं लेखकों और चित्रकारों को उस अनुपात में भुगतान प्राप्‍त करने में सक्षम बनाती हें जिसमें उनकी पुस्‍तकें जितनी बार सार्वजनिक पुस्‍तकालयों कों ऋणद दी जाती है।