तकनीकी शिक्षा

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राष्‍ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्‍थान (एनआईटी)

1955 में योजना आयोग द्वारा स्‍थापित इंजीनियरिंग कार्मिक समिति (ईपीसी) की सिफारिशों के आधार पर 60 के दशक में 8 क्षेत्रीय इंजीनियरिंग कॉलेज (पूर्व पश्चिम और उत्‍तर-दक्षिण प्रत्‍येक में दो) स्‍थापित किए गए और दूसरी पंचवर्षीय योजना (1956-61) के दौरान औद्योगिक परियोजनाओं के लिए आपेक्षित तकनीकी मानव शक्ति उपलब्‍ध कराने की दृष्टि से संबंधित केन्‍द्र और राज्‍य सरकारों के सहयोगी उद्यम खोलने पर विचार किया गया। यह संस्‍थान समिति पंजीकरण अधिनियम 1860 के तहत स्‍वायत्‍त निकायों के रूप में पंजीकृत किए गए और राज्‍यों सरकारों से उनके संबंधित क्षेत्रों में संबद्ध थे। 17 क्षेत्रीय इंजीनियरिंग कॉलेजों को संबंधित केन्‍द्र सरकार और राज्‍य सरकार के संयुक्‍त और सहयोगी उद्यम के रूप में विभिन्‍न राज्‍यों में स्‍थापित किया गया। प्रत्‍येक क्षेत्रीय इंजीनियरिंग कॉलेज को अखिल भारतीय संस्‍थान के रूप में कार्य करना था और देश के सभी भागों से विद्यार्थियों और संकायों को भर्ती करना था। इन संस्‍थाओं (जिनमें से प्रत्‍येक को वर्ष में कुल 250 विद्यार्थियों को भर्ती करना था) में 50 प्रतिशत प्रवेश उन विद्यार्थियों के लिए आरक्षित थे जिस राज्‍य के वे नहीं थे। इसके अतिरिक्‍त, यह संस्‍थान विभिन्‍न विषयों में अवर स्‍नातक और स्‍नातकोत्‍तर पाठ्यक्रम प्रदान करता है।

इन क्षेत्रीय इंजीनियरिंग कॉलेजों को स्‍थापित करने का मुख्‍य लक्ष्‍य इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी की विभिन्‍न शाखाओं में अवर स्‍नातक शिक्षा और प्रशिक्षण प्रदान करके आपेक्षित तकनीकी मानवशक्ति का निर्माण करना था। इसके अतिरिक्‍त क्षेत्रीय इंजीनियरिंग कॉलेजों में गति निर्धारक के रूप में कार्य करने और तकनीकी संस्‍थाओं को उनके संबंधित क्षेत्रों में शैक्षिक नेतृत्‍व प्रदान करने की परिकल्‍पना की गई थी।

वर्ष 2003 में 17 क्षेत्रीय इंजीनियरिंग कॉलेजों को राष्‍ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्‍थान के रूप में पुन: स्‍थापित किया गया था और केन्‍द्रीय सरकार के पूर्णत वित्‍तपोषित संस्‍थानों के रूप में दर्जा दिया गया और सम विश्‍वविद्यालय का दर्जा दिया गया इसके अतिरिक्‍त केन्‍द्र सरकार ने 3 अन्‍य संस्‍थाओं नामत: बिहार इंजीनियरिंग कॉलेज, पटना, राजकीय इंजीनियरिंग कॉलेज, रायपुर और त्रिपुरा इंजीनियरिंग कॉलेज, अगरतला को अपने नियंत्रण में लिया और क्रमश: 28 जनवरी, 2004, 1 दिसंबर, 2005 और 1 अप्रैल, 2006 को इन्‍हें राष्‍ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्‍थान में परिवर्तित कर दिया गया। अत: राष्‍ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्‍थानों की संख्‍या 20 तक हो गई। इन संस्‍थाओं से इंजीनियरिंग और प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उच्‍च गुणवत्‍ता के अवर स्‍नातक और स्‍नातकोत्‍तर स्‍तर की मांग को पूरा करने के लिए अन्‍य राष्‍ट्रीय स्‍तर के तकनीकी संस्‍थाओं के बराबर कार्य करने की अपेक्षा की जाती है। एक अधिनियम नामत: राष्‍ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्‍थान अधिनियम, 2007 सभी एनआईटी के लिए समान सांविधिक कार्य ढांचा उपलब्‍ध कराने के लिए संसद द्वारा लागू किया गया। एनआईटी में प्रवेश केन्‍द्रीय माध्‍यमिक शिक्षा बोर्ड द्वारा आयोजित अखिल भारतीय इंजीनियरिंग प्रवेश परीक्षा के माध्‍यम से किया जाता है।

राष्‍ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्‍थानों की सूची :

1. राष्‍ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्‍थान, अगरतला

त्रिपुरा इंजीनियरिंग कॉलेज, अगरतला को 1965 में स्‍थापित किया गया और केन्‍द्र सरकार द्वारा पूर्णत वित्‍तपोषित संस्‍थान के रूप में नियंत्रण में लिया गया और इसे 1 अप्रैल, 2006 से राष्‍ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्‍थान, अगरतला बनाया गया और यह संस्‍थान अवर स्‍नातक स्‍तर पर पाठ्यक्रम प्रदान करता है।

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2. मोतीलाल नेहरू राष्‍ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्‍थान, इलाहबाद

मोतीलाल नेहरू राष्‍ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्‍थान, इलाहबाद वर्ष 1961 में स्‍थापित हुआ और जून, 26, 2002 को राष्‍ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्‍थान के रूप में परिवर्तित किया गया। यह संस्‍थान विभिन्‍न विषयों में 4 वर्षीय अवर स्‍नातक पाठ्यक्रम प्रदान करता है। संस्‍थान एम.टेक, एम.सीए और एम.एम.एस भी प्रदान करता है।

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3. मौलाना आजाद राष्‍ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्‍थान, भोपाल

मौलाना आजाद राष्‍ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्‍थान, भोपाल 1960 में स्‍थापित हुआ और 26 जून, 2002 को एनआईटी के रूप में परिवर्तित किया गया। यह संस्‍थान सिविल इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, इलैक्ट्रिकल इंजीनियरिंग, इलैक्‍ट्रोनिक्‍स और कम्‍युनिकेशन इंजीनियरिंग, कम्‍प्‍यूटर साइंस और इंजीनियरिंग, इंफार्मेशन टेक्‍नॉलाजी के विषयों में 4 वर्षीय बी.टेक पाठ्यक्रम और 5 वर्षीय बी.आर्क पाठ्यक्रम प्रदान करता है। यह संस्‍थान नियमित और अंशकालिक आधार पर 24 विभिन्‍न विशेषज्ञता वाले क्षेत्रों में एम.टेक पाठ्यक्रम और एमसीए और एमबीए पाठ्यक्रम भी प्रदान करता है।

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4. राष्‍ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्‍थान, कालीकट

राष्‍ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्‍थान, कालीकट वर्ष 1961 में स्‍थापित किया गया और 26 जून, 2002 को राष्‍ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्‍थान के रूप में परिवर्तित किया गया। यह संस्‍थान सिविल इंजीनियरिंग, कैमिकल इंजीनियरिंग, इलैक्ट्रिकल और इलैक्‍ट्रोनिक्‍स इंजीनियरिंग और इलैक्‍ट्रोनिक्‍स और कम्‍युनिकेशन इंजीनियरिंग, मैकेनिकल इंजीनियरिंग, प्रोडक्‍शन इंजीनियरिंग और प्रबंध, कम्‍प्‍यूटर साइंस और इंजीनियरिंग, इंफार्मेशन टेक्‍नॉलोजी के विषयों में 4 वर्षीय अवर स्‍नातक पाठ्यक्रम और 5 वर्षीय बी.आर्क पाठ्यक्रम प्रदान करता है। संस्‍थान विभिन्‍न विशेषज्ञता वाले क्षेत्रों में एम.टेक की डिग्री भी प्रदान करता है। इसके अतिरिक्‍त, 3 वर्षीय (6 सेमेस्‍टर) एमसीए पाठ्यक्रम भी प्रदान किए जाते है। संस्‍थान द्वारा सिविल, सूचना सुरक्षा, वीएलएसआई डिजाइन और कम्‍प्‍यूटर नियंत्रित औद्योगिक ऊर्जा के क्षेत्रों में 4 नए स्‍नातकोत्‍तर पाठ्यक्रमों को भी प्रारंभ किया गया है। संस्‍थान अपने सभी विभागों में पीएच.डी कार्यक्रम प्रदान करता है।

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5. राष्‍ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्‍थान, दुर्गापुर

राष्‍ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्‍थान, दुर्गापुर 1960 में स्‍थापित किया और 3 जुलाई, 2003 में एनआईटी में परिवर्तित किया गया। संस्‍थान विदेशी छात्रों के लिए छात्रावास की सुविधा, लेक्‍चरर गैलरी, कम्‍प्‍यूटर सेंटर एक्‍टेंशन, इलैक्ट्रिकल मशीन लैब और हाई पावर लैब की सुविधा भी प्रदान करता है।

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6. राष्‍ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्‍थान, हमीरपुर

क्षेत्रीय इंजीनियरिंग कॉलेज, हमीरपुर 1985 में स्‍थापित हुआ और 26 जून 2002 को एमआईटी में परिवर्तित हो गया। यह विभिन्‍न विषयों मे अवरस्‍नातक कार्यक्रम प्रदान करता है। बी.आर्क पाठ्यक्रम 2000-2001 में आरंभ किया गया। संस्‍थान स्‍नातकोत्‍तर पाठ्यक्रम और पीएचडी डिग्री भी प्रदान करता है।

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7. मालवीय राष्‍ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्‍थान, जयपुर

मालवीय राष्‍ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्‍थान जयपुर 1963 में स्‍थापित कियागया और 26 जून 2002 में एनआईटी में परिवर्तित हुआ। संस्‍थान अवरस्‍नातक और स्‍थनकोत्‍तर पाठ्यक्रम प्रदान करता है। संस्‍थान विश्‍व बैंक, स्विस विकास कार्पोरेशन और भारत सरकार द्वारा वित्‍तपोषित इलैक्‍ट्रोनिक और कम्‍प्‍यूटर इंजीनियरिंग में मानव शक्ति के विकास हेतु परियोजना आईएमपीएसीटी कार्यान्वित कर रहा है।

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8. डा. बी आर अंबेडकर राष्‍ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्‍थान, जलंधर

डा. बी आर अंबेडकर राष्‍ट्रीय प्रौद्योगिकी कॉलेज 1986 में स्‍थापित हुआ और 17 अक्‍टूबर 2002 में एनआईटी में परिवर्तित हुआ। यह विभिन्‍न विषयों में चार वर्षीय अवर स्‍नातक कार्यक्रम प्रदान करता है। संस्‍थान में विभिन्‍न कार्यक्रमों को व्‍यवस्थित करके विद्यार्थियों के बीच उद्यमियता की संस्‍कृति को प्रोत्‍साहित करने के लिए संस्‍थान में राष्‍ट्रीय विज्ञान और प्रौद्योगिकी उद्यमियता विकास प्रकोष्‍ठ स्‍थापित किया गया था।

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9. राष्‍ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्‍थान, जमशेदपुर

राष्‍ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्‍थान, जमशेदपुर में 1960 में स्‍थापित किया गया और एनआईटी के रूप में 27 दिसम्‍बर 2002 को परिवर्तित किया गया। संस्‍थान विभिन्‍न विषयों में अवरस्‍नातक पाठ्यक्रम प्रदान करता है। संस्‍थान स्‍नातकोत्‍तर और एमसीए कार्यक्रम भी प्रदान करता हैं।

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10. राष्‍ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्‍थान, कुरूक्षेत्र

क्षेत्रीय इंजीनियरिंग कॉलेज, कुरूक्षेत्र 1963 में स्‍थापित किया गया और 26 जून 2002 को एनआईटी में परिवर्तित किया गया। संस्‍थान विभिन्‍न अवरस्‍नातक पाठयक्रम चला रहा हैं। संस्‍थान स्‍नातकोत्‍तर पाठ्यक्रम भी चला रहा हैं, संस्‍थान के पास फाइबर आप्टिक कम्‍प्‍यूटर नेटवर्किंग के साथ विकसित परिसर हैं।

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11. विश्वेश्वरय्या राष्‍ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्‍थान, नागपुर

विश्वेश्वरय्या राष्‍ट्रीय प्रौद्योगिकी कॉलेज नागपुर 1960 में स्‍थापित हुआ और जून 26, 2002 को एनआईटी में परिवर्तित हुआ। संस्‍थान विभिन्‍न विषयों में बी.टेक पाठ्यक्रम प्रदान करता है और पांच वर्षीय बी.आर्क. पाठ्यक्रम भी प्रदान करता हैं। संस्‍थान एम.टेक पाठ्यक्रम और एक वर्षीय डिप्‍लोमा पाठयक्रम प्रदान करता हैं। संस्‍थान का उद्योग-संस्‍थान संवाद प्रकोष्‍ठ उद्योगिक सेक्‍टर के साथ पारस्‍परिक संवाद को प्रोत्‍साहित और पोषक बनाने का प्रयास करता हैं और इसकी वृद्धि में महत्‍वपूर्ण भूमिका निभाता हैं।

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12. राष्‍ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्‍थान, पटना

राष्‍ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्‍थान पटना, मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा स्‍थापित किया गया 18वां राष्‍ट्रीय संस्‍थान हैं जिसका नया नाम बिहार इंजीनियरिंग कॉलेज, पटना हैं।

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13. राष्‍ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्‍थान, रायपुर

राष्‍ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्‍थान रायपुर केन्‍द्र सरकार के पूर्णत: वित्‍तपोषित संस्‍थान के रूप में दर्जा प्राप्‍त कर लिया है और 1 दिसम्‍बर 2005 से एनआईटी में परिवर्तित हो गया हैं। वर्तमान में संस्‍थान अवर स्‍नातक और स्‍नातकोत्‍तर स्‍तर पर पाठ्यक्रम प्रदान कर रहा है।

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14. राष्‍ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्‍थान, राउरकेला

राष्‍ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्‍थान राउरकेला 1961 में स्‍थापित किया गया और 26 जून 2002 मं एनआईटी में परिवर्तित हुआ। संस्‍थान अवर स्‍नातक, स्‍नातकोत्‍तर एमसीए पाठ्यक्रम प्रदान कर रहा हैं। एनआईटी राउकेला, उड़ीसा में राष्‍ट्रीय तकनीकी मानवशक्ति सूचना प्रणाली के लिए नॉडल केंद्र हैं।

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15. राष्‍ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्‍थान, सिलचर

क्षेत्रीय इंजीनियरिंग कॉलेज, सिल्‍चर 1976 में स्‍थापित हुआ और जून 28, 2002 को एनआईटी में परिवर्तित हुआ। संस्‍थान विभिन्‍न विषयों में और स्‍नातक पाठ्यक्रम प्रदान कर रहा है।

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16. राष्‍ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्‍थान, श्रीनगर

राष्‍ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्‍थान, श्रीनगर विभिन्‍न विषयों और एमई पाठ्यक्रम में अवर स्‍नातक पाठ्यक्रम प्रदान करता है। यह संस्‍थान एम.फिल और पीएच.डी कार्यक्रम भी प्रदान करता है।

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17. सरकार वल्‍लभभाई राष्‍ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्‍थान, सूरत

सरकार वल्‍लभभाई राष्‍ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्‍थान, सूरत वर्ष 1961 में स्‍थापित हुआ और 4 अक्‍तूबर, 2002 को एनआईटी में परिवर्तित हो गया। संस्‍थान विभिन्‍न विषयों में बी.टेक और एम.टेक पाठ्यक्रम प्रदान करता है। यह पीएच.डी कार्यक्रम भी प्रदान करता है।

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18. राष्‍ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्‍थान, सूरतकल

राष्‍ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्‍थान, सूरतकल 1960 में स्‍थापित किया गया और जून 26, 2002 को एनआईटी में परिवर्तित किया गया। संस्‍थान विभिन्‍न विषयों में अवर स्‍नातक पाठ्यक्रम प्रदान करता है। यह स्‍नातकोत्‍तर और पीएच.डी कार्यक्रम भी प्रदान करता है।

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19. राष्‍ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्‍थान, तिरूचिलापल्‍ली

राष्‍ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्‍थान, तिरूचिलापल्‍ली 1964 में स्‍थापित किया गया और जुलाई, 28, 2003 को एनआईटी में परिवर्तित किया गया। संस्‍थान विभिन्‍न विषयों में अवर स्‍नातक कार्यक्रम और पांच वर्षीय बी.आर्क पाठ्यक्रम प्रदान करता है। संस्‍थान एआईसीटीई की गुणवत्‍ता सुधार कार्यक्रम (क्‍यूआईपी) योजना के तहत विभिन्‍न स्‍नातकोत्‍तर पाठ्यक्रम और डॉक्‍टरल पाठ्यक्रमों के लिए अन्‍य शैक्षिक संस्‍थाओं के शिक्षकों को नामांकित करने के लिए भी पहचाना जाता है।

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20.राष्‍ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्‍थान, वारंगल

क्षेत्रीय प्रौद्योगिकी संस्‍थान, वारंगल 1959 में स्‍थापित किया गया और 10 सितंबर, 2002 को एनआईटी में परिवर्तित किया गया। संस्‍थान इंजीनियरिंग, विज्ञान और कला की सभी शाखाओं में आठ अवर स्‍नातक कार्यक्रम, स्‍नातकोत्‍तर कार्यक्रम और पीएच.डी कार्यक्रम प्रदान करता है। संस्‍थान के केन्‍द्रीय पुस्‍तकालय को आंध्र प्रदेश में सभी तकनीकी पुस्‍तकालयों में श्रेष्‍ठ माना जाता है।

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नए राष्‍ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्‍थान

1. राष्‍ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्‍थान, सिक्किम

राष्‍ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्‍थान, सिक्किम भारत सरकार द्वारा 11वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान 2009 में संस्‍वीकृत 10 नए एनआईटी में से एक है। यह दक्षिण सिक्किम के बर्फुंग ब्‍लॉक, रवंगला सब-डिवीजन में स्‍थापित किया जा रहा है। यह समिति अधिनियम के तहत पंजीकृत एनआईटी सिक्किम द्वारा प्रबंधित किया जाता है। यह संस्‍थान मानव संसाधन विकास मंत्रालय के तहत भारत सरकार द्वारा पूर्णतया वित्‍तपोषित है। यह विभिन्‍न विषयों में बी.टेक पाठ्यक्रम प्रदान करता है। एनआईटी, कालीकट इस संस्‍थान की संरक्षक एनआईटी है।

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2. राष्‍ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्‍थान, गोवा

राष्‍ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्‍थान, गोवा 11वीं पंचवर्षीय योजना के दौरान गोवा और संघ राज्‍य क्षेत्र दमन एवं दीव, दादर एवं नागर हवेली और लक्षद्वीप की आवश्‍यकताओं को पूरा करने के लिए स्‍थापित किया गया था। एनआईटी कर्नाटक, सूरतकल इस संस्‍थान का संरक्षक एनआईटी है।

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संस्‍थान विभिन्‍न विषयों में बी.टेक पाठ्यक्रम प्रदान करता है।

3. राष्‍ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्‍थान, अरूणाचल प्रदेश

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4. राष्‍ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्‍थान, मेघालय

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5. राष्‍ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्‍थान, नागालैंड

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6. राष्‍ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्‍थान, मणिपुर

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7. राष्‍ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्‍थान, मिजोरम

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8. राष्‍ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्‍थान, उत्‍तराखंड

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9. राष्‍ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्‍थान, दिल्‍ली

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10. राष्‍ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्‍थान, पुदुचेरी

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11. राष्‍ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्‍थान, आंध्र प्रदेश

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