प्रौढ़ शिक्षा

राज्‍य संसाधन केन्‍द्र

राज्‍य संसाधन केन्‍द्र (एस आर सी) सामग्री और प्रशिक्षण मॉड्यूलों के विकास एवं निर्माण के जरिए प्रौढ़ और सतत् शिक्षा के लिए अकादमिक और तकनीकी संसाधन सहायता प्रदान करने के लिए अधिदेशित हैं। इसके अलावा, एस आर सी को प्रेरणात्‍मक एवं पर्यावरणीय निर्माण, कार्रवाई अनुसंधान और मूल्‍यांकन एवं निगरानी आयोजित करना भी अपेक्षित होगा।

कार्य का क्षेत्र

  • प्रौढ़ शिक्षा कार्यक्रम के लिए शिक्षण, पठन और प्रशिक्षण सामग्री की तैयारी।
  • साक्षरता कार्यकर्ताओं का प्रशिक्षण।
  • कार्रवाई अनुसंधान।
  • साक्षरता परियोजनाओं का मूल्‍यांकन और निगरानी।
  • भविष्‍य की जरूरत वाली प्रौढ़ शिक्षा कार्यक्रम की पहचान के लिए नवीन परियोजनाएं शुरू करना।
  • एन एल एम के समग्र उद्देश्‍य को पूरा करने और मानव संसाधन विकास मंत्रालय द्वारा विशेष रूप से सौंपे गए कार्य से जुड़ा कोई अन्‍य कार्य।

राज्‍य संसाधन केन्‍द्रों का वर्गीकरण

राज्‍य संसाधन केन्‍द्रों को उनके अधिकार क्षेत्र में उनके कार्यभार और कार्यक्रम के आकार के आधार पर दो श्रेणियों नामत: श्रेणी 'क' और श्रेणी 'ख' में वर्गीकृत किया जाता है। प्रत्‍येक श्रेणी के लिए अलग मात्रा में सहायता प्रदान की जाती है।.

नए राज्‍य संसाधन केन्‍द्र

इस कार्यक्रम के अंतर्गत श्रेणी 'ख' में 14 नए राज्‍य संसाधन केन्‍द्र स्‍थापित किए जाने थे। नए राज्‍य संसाधन केन्‍द्रों की स्‍थापना के दौरान उन राज्‍यों को वरीयता दी जाती है, जिनमें कोई एस आर सी नहीं है, लेकिन जहां 2001 की जनगणना के अनुसार साक्षरता स्‍तर राष्‍ट्रीय औसत से नीचे है। 20 से अधिक जिले वाले राज्‍यों को अतिरिक्‍त राज्‍य संसाधन केन्‍द्र के स्‍थापना की सुविधा दी जाएगी, जबकि 30 से अधिक जिले वाले राज्‍य कुल 3 राज्‍य संसाधन केन्‍द्रों के पात्र होंगे। विशेष परिस्थितियों में अन्‍य राज्‍यों के प्रस्‍तावों पर भी विचार किया जाएगा।

वित्तीय सहायता का प्रतिमान

राज्‍य संसाधन केन्‍द्रों को कार्यक्रम, परिलब्धियां और कार्यालय व्‍यय के लिए 45:45:10 के अनुपात में इस प्रकार वार्षिक आवर्ती अनुदान दिया जाता है :

बजट शीर्ष श्रेणी ''क''
(रु. लाख)
श्रेणी ''ख''
(रु. लाख)
कार्यक्रम 45 31.5
परिलब्धियां 45 31.5
कार्यालय व्‍यय 10 07.0
कुल 100 70

Tराज्‍य संसाधन केन्‍द्रों को नियुक्‍त कर्मचारी की संख्‍या में साम्‍यता है। आवश्‍यकता और निधि की उपलब्‍धता के अनुसार केवल नए राज्‍य संसाधन केन्‍द्रों को 50 लाख रु. का एकमुश्‍त अवसंरचना अनुदान भी प्रदान किया जाएगा।

नियोजन, निगरानी, मूल्‍यांकन और क्षमता निर्माण

प्रौढ़ शिक्षा निदेशालय, स्‍कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग, मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार सभी एस आर सी के नियोजन, निगरानी, मूल्‍यांकन और क्षमता निर्माण का जिम्‍मेदार है।

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