माध्‍यमिक शिक्षा

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राष्‍ट्रीय साधन-सह-योग्‍यता छात्रवृत्ति योजना

केन्‍द्र द्वारा प्रायोजित ‘राष्‍ट्रीय साधन-सह-योग्‍यता छात्रवृत्ति (एनएमएमएसएस)’ योजना मई, 2008 में प्रारंभ की गई थी। इस योजना का उद्देश्‍य आर्थिक रूप से कमजोर क्षेत्रों के प्रतिभावान विद्यार्थियों को छात्रवृत्ति प्रदान करना है, जिससे कक्षा VIII के उपरांत विद्यालय छोड़ने की प्रवृत्ति पर रोक लग सके और उन्‍हें माध्‍यमिक स्‍तर तक अपनी शिक्षा जारी रखने के लिए प्रोत्‍साहन मिल सके। चयनित छात्रों को सरकारी, सरकार द्वारा सहायता प्राप्‍त और स्‍थानीय निकाय के स्‍कूलों में कक्षा IX-XII तक अध्‍ययन करने के लिए प्रति छात्र प्रतिवर्ष 6000/- रूपए (500 रूपए प्रतिमाह) की छात्रवृत्ति प्रदान की जाती है। प्रत्‍येक राज्‍य/संघ राज्‍य क्षेत्र के छात्रों की छात्रवृत्तियों का अलग-अलग कोटा है। वे छात्र जिनके माता-पिता की समस्‍त स्रोतों से आय 1,50,000 रूपए से अधिक नहीं है, यह छात्रवृत्ति पाने के पात्र हैं। राज्‍य सरकार के मानकों के अनुसार आरक्षण है। छात्रवृत्ति के लिए छात्रों का चयन राष्‍ट्रीय प्रतिभा खोज परीक्षा (एनटीएसई) का प्रथम स्‍तर-। परीक्षा के साथ राज्‍य सरकारों/संघ राज्‍य प्रशासन द्वारा ली जाने वाली परीक्षा के माध्‍यम से किया जा रहा है। शैक्षिक वर्ष 2013-14 से एनएमएमएस छात्रवृत्ति के लिए छात्रों के चयन हेतु पृथक परीक्षा का आयोजन राज्‍य सरकारों द्वारा किया जा रहा है। भारतीय स्‍टेट बैंक द्वारा छात्रवृत्तियों का संवितरण तिमाही भुगतान के आधार पर सीधे तौर पर छात्रों के खातों में किया जाता है।

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