माध्‍यमिक शिक्षा

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शिक्षकों के लिए राष्‍ट्रीय पुरस्‍कार

शिक्षकों के लिए राष्‍ट्रीय पुरस्‍कार 1958 से प्रारंभ किए गए, शिक्षकों को राष्‍ट्रीय पुरस्‍कार भारत के राष्‍ट्रपति द्वारा प्रारंभिक, मि‍डल और माध्‍यमिक स्‍कूलों में कार्य कर रहे प्रतिभाशाली शिक्षकों को सार्वजनिक रूप से सम्‍मानित करने के लिए प्रत्‍येक वर्ष 5 सितंबर (शिक्षक दिवस) को दिया जाता है। समग्र रूप से 374 पुरस्‍कार हैं जिसमें से 20 पुरस्‍कार संस्‍कृत, फारसी और अरबी शिक्षकों के लिए आरक्षित हैं। प्रत्‍येक राज्‍य/संघ शासित प्रदेश/संगठन अपने शिक्षकों के आधार पर कोटा निर्धारित करता है। इस योजना में विदेश में स्थित स्‍वतंत्र संबद्ध स्‍कूलों, भारतीय स्‍कूल प्रमाणपत्र परीक्षा परिषद (सीआईएससीई), सैनिक स्‍कूल, केन्‍द्रीय विद्यालय संगठन (केवीएस), नवोदय विद्यालय समिति (एनवीएस), केन्‍द्रीय तिब्‍बती स्‍कूल प्रशासन (सीटीएसए) और परमाणु ऊर्जा शिक्षा समिति द्वारा चलाए जा रहे स्‍कूलों के शिक्षकों सहित केन्‍द्रीय माध्‍यमिक शिक्षा बोर्ड से संबद्ध स्‍कूलों के शिक्षकों को भी कवर करती है।

पुरस्‍कार देने के वर्ष 2001 से स्‍कूलों में समावेशी शिक्षा को प्रोत्‍साहित करने वाले शिक्षकों और नियमित स्‍कूलों में नि:शक्‍त बच्‍चों की शिक्षा को प्रोत्‍साहित करने वाले शिक्षकों के लिए ‘’विशेष पुरस्‍कार’’ बनाए गए हैं। ‘’विशेष पुरस्‍कारों’’ की कुल संख्‍या 43 हैं। ‘’विशेष पुरस्‍कार’’ निम्‍नलिखित वर्गों के शिक्षकों को दिए जाते हैं।

  • मुख्‍य स्‍कूलों में कार्य कर रहे नि:शक्‍त शिक्षक
  • समावेशी शिक्षा के लिए उत्‍कृष्‍ट कार्य करने वाले विशेष शिक्षक या प्रक्षिशित सामान्‍य शिक्षक

पुरस्‍कार वर्ष 2004 से, सरकार ने यह अनुमोदन किया है कि पुरस्‍कार पाने वाले शिक्षक के परिवार के एक सदस्‍य को समारोह के लिए दिल्‍ली में रूकने के दौरान राज्‍य का अतिथि समझा जाएगा और उनके खर्चें विभाग द्वारा वहन किए जाएंगे।