मॉडल स्‍कूल

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सिंहावलोकन

प्रधानमंत्री द्वारा 2007 के स्‍वतंत्रता दिवस के अपने भाषण में की गई घोषणा के अनुपालन में मॉडल स्‍कूल योजना का प्रारंभ नवम्‍बर, 2008 में किया गया था। योजना का उद्देश्‍य एक स्‍कूल प्रति ब्‍लॉक की दर से ब्‍लॉक स्‍तर पर उत्‍कृष्‍टता के बैंचमार्क के रूप में 6000 मॉडल स्‍कूलों की स्‍थापना के माध्‍यम से प्रतिभावान ग्रामीण बच्‍चों को गुणवत्‍तायुक्‍त शिक्षा उपलब्‍ध कराना है। इस योजना के निम्‍नलिखित उद्देश्‍य है:

  • प्रत्‍येक ब्‍लॉक में अच्‍छे स्‍तर का कम-से-कम एक वरिष्‍ठ माध्‍यमिक स्‍कूल होना।
  • प्रगति निर्धारण भूमिका।
  • नवाचारी पाठ्यचर्या और शिक्षण का प्रयोग।
  • अवसंरचना, पाठ्यचर्या, मूल्‍यांकन और स्‍कूल अभिशासन का आदर्श होना।

योजना के कार्यान्‍वयन के दो रूप हैं- अर्थात (i) राज्‍य/संघ राज्‍य सरकारों के माध्‍यम से शैक्षिक रूप से पिछड़े ब्‍लॉकों (ईबीबी) में 3,500 स्‍कूलों की स्‍थापना की जानी है तथा (ii) शेष 2,500 स्‍कूल उन ब्‍लॉकों, जो शैक्षिक रूप से पिछड़े नहीं हैं, में सार्वजनिक-निजी भागीदारी (पीपीपी) पद्धति के तहत स्‍थापित किए जाएंगे। राज्‍य/संघ राज्‍य क्षेत्र सरकारों के माध्‍यम से ईबीबी में मॉडल स्‍कूलों की स्‍थापना के लिए राज्‍य क्षेत्र घटक 2009-10 से कार्यान्वित किया जा रहा है तथा उन ब्‍लॉकों, जो शैक्षिक रूप से पिछड़े नहीं हैं, में मॉडल स्‍कूलों की स्‍थापना के लिए पीपीपी घटक का कार्यान्‍वयन 2012-13 से शुरू किया गया है।